अपनो से अपनी बात
YOUR WELCOME... ,,,,,,,,, विवाह दो परिवारों का मिलन ...... आज तक जब तक शादियों मे चली गई, उनमे से लगभग 70% लोगो ने खरीदा है- दुल्हन की शक्ल तक किसी ने नहीं देखा ... उनका नाम तक कोई नहीं जानता ... अक्सर तो शादी विवाहो मे मे जाने और वापस आना भी हो गई पर रखने तक नहीं आया और ना ही कभी देखने की कोशिश भी करी, कि स्टेज कहां सजा है, दोहरा कहां बैठा है .. शादी दो परिवारो का मिलन है जिसने इसे स्टेस सिंबल बना लिया है। हम सब कुछ समझते हैं हुऐ भी चुप रहते हैं। । भारत में लगभग हर शादी में हम 75% फालतू जनता को निमंत्रण देते हैं ... और कहते हैं कि सबसे खराब काम है जो तुम्हारा ही नाम जानती है ... जो केवल आपके घर की लोकेशन जानती है .. जो केवल आपकी पद-वापसी जानती है उसे घर से कोई रूचि नहीं ह...